कोनो करीबी के आत्महत्या के बाद मोला खुद ल दोसी काबर नइ मानना चाही?
आत्महत्या के कारन अपन कोनो करीबी ल खोए के गहिरा पीरा हर, कई परकार के सवाल अउ संदेह पइदा करथे।
ए बात ल समझव के तुमन एखर बर दोसी नइ हव। याद रखव के ए हर तुंहर गलती नइ हे। आत्महत्या करे के फइसला तुंहर करीबी मनखे के रिहिस, तुंहर नइ।
खुद ल दोसी मानना, सिरिफ एकठन बिचार होथे। अगर तुमन जानत रहितेव, के ओ हर आत्महत्या करइया हे, त तुमन एला रोके बर जरूर कुछु करतेव।
ए बात मानव, तुमन अपन जानकारी के मुताबिक सबले बढ़िया काम करे हव। हो सकत हे के तुमन ओखर समसिया ल गंभीरता ले नइ ले होहु, तुंहर ले चूक हो गे होही। कोई बात नइ, मनखे ले गलती हो जथे, तुमन घलोक एक झन मनखेच हरव। तुमन जानबूझ के अइसन नइ करे हव।
जरूरी बात: दुख या खुद ल दोसी माने के कारन अगर तुंहर मन म अब्बड़ पीरा हे, त यहु हर एकठन सहज बात हे, एला समझे जा सकत हे। लेकिन तुंहर मन म आत्महत्या के बिचार आवत हे त किरपा करके तुरते कोनो डाक्टर संग मिलव।